Breaking News
Home / Ajab Gajab / 99% लोग नहीं जानते होंगे कि भारतीय रेल के नीले और लाल रंग के डिब्बों में क्या फर्क होता है?

99% लोग नहीं जानते होंगे कि भारतीय रेल के नीले और लाल रंग के डिब्बों में क्या फर्क होता है?

य़दि आप ट्रेन में  सफर करते हैं या फिर आपका घर रेलवे स्टेशन के नजदीक है तो आपने लाल और नीले रंग की ट्रेनें देखी होगी. लेकिन क्या कभी आपने अपने दिमाग पर जोर दिया है कि आखिर यह ट्रेनें नीले और लाल रंग की ही क्यों होती हैं ?अगर आप नहीं जानते हैं तो खैर कोई बात नहीं! फिलहाल हम आपको सबसे पहले नीले रंग के कोच के बारे में जानकारी देना चाहते हैं.

दरअसल नीले रंग के कोच को बनाने वाली कंपनी तमिलनाडु के चेन्नई शहर में मौजूद है, जिसकी स्थापना 1952 ईस्वी में हुई थी. यह कंपनी इंडियन रेलवे के लिए रेल के कोच तैयार करती है. जिनमें से जनरल से लेकर एसी स्लीपर, व नॉन एसी स्लीपर कोच तैयार किए जाते हैं.भारतीय रेलों में सबसे ज्यादा इसी कंपनी के कोच उपयोग में लाए जाते हैं.

 

भारतीय रेल (आईआर) एशिया का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क कहा जाता है.source-.jagranimages.com

अब जानें लाल रंग के कोच के बारे में

 

लाल और नीले रंग के कोच में अंतर

वहीं  LHB कोच की  एवरेज स्पीड  160 से 200 किलोमीटर प्रति घंटा बताई जाती है, लेकिन साधारण नीले रंग की कोच की स्पीड  70 से 140 किलोमीटर प्रति घंटा बताई जाती है.

 

एलएचबी कोच के बारे में कहा जाता है कि इसके अंदर एंटी टेलिस्कोप ऑफिस सिस्टम मौजूद होता है जिसकी वजह से यह डिब्बे आसानी से पटरी से नीचे उतर नहीं पाते हैं,इसके साथ ही इन डिब्बे को स्टेनलेस स्टील और एल्यूमीनियम की मदद से बनाया जाता हैं . इस वजह से भी इनको पटरी से उतरने में काफी समय लगता है.

वहीं अगर सादा नीले डिब्बों की बात करें तो यह काफी माल्ड स्टील से बने हुए होते हैं जो कि एक झटके को सहने की भी क्षमता नहीं रखते हैं इनसे बहुत जल्द दुर्घटना होने की संभावना रहती है.

ट्रेन को जल्दी से रोकने के लिए एच एल बी कोच में डिस्क ब्रेक सिस्टम मौजूद होता है जिसके वजह से किसी भी  दुर्घटना के संकेत मिलने पर ट्रेन को रोका जा सकता है. वहीं सामान्य कोच वाली ट्रेनों में एयर ब्रेक सिस्टम होता है जिससे ट्रेन को एक साथ रोकने में समय लगता है.